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      <title>Hindi Grade 6 Chapter 7  by Deepika Kumari</title>
      <link>https://padlet.com/dkumari1/uoiyt6cro8w8</link>
      <description>Chapter 7  - Halwayi aur bandar
write the understanding of the chapter</description>
      <language>en-us</language>
      <pubDate>2019-11-20 04:57:22 UTC</pubDate>
      <lastBuildDate>2019-11-20 10:11:56 UTC</lastBuildDate>
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         <title>Chapter summary - Tavasya  </title>
         <author>rmizar</author>
         <link>https://padlet.com/dkumari1/uoiyt6cro8w8/wish/413879449</link>
         <description><![CDATA[<div>एक हलवाई दूध ने बेचते थे, वह दूध में पानी डालते थे। एक दिन वह उसके गाँव बाहर से छलते थे, और आक थैला में दस हज़ार रुपये लेकर गए।एक बंदर उसके थैला लेकर। हवाई बहूत ग़ुस्सा होता था लेकिन बंदर वह रुपये नहीं दे दिए। बंदर रुपये से कुआँ में फेंक लगते थे।हवाई उसके दोस्त के पूछा “मैं क्या करूँ?” मित्र से बोले “नीचे पेड़ कम रुपए हैं।तुम रुपए लेकर और  आ गए थे।” हवाई इस नहीं करता था, और अधिक ग़ुस्से होते थे। बंदर थैला से कुआँ में फेंकता था और उसके मित्र ने बोले “तुमने दूध के रुपये ले गए थे।” हलवाई उसके घर से लौट गया। उसके बाद दूध पानी में नहीं डालते थे।<br><br>Summary in english<br><br><br></div>]]></description>
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         <pubDate>2019-11-20 09:46:36 UTC</pubDate>
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         <title>Chapter summary - Syeda</title>
         <author>ksyeda</author>
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         <description><![CDATA[<div>एक हलवाई दूध मं पानी मिलाकर बेचता था ऐसे ही वह बहुत अमीर बन गया।एक दिन, वह दस हज़ार रूपये का थैला लेकर गांव से कहीं जा रहा था, रास्ते,मैं उसको बहुत प्यास लगी।वहाँ एक कुआं था। हलवाई उधार जाकर थैला जगत पर रख के बाल्टी और रस्सी उठाया, तभी एक बन्दर थैला लेकर पास के पेड़ पर चढ़ गया। हलवाई चिलता रहा, लेकिन वह थैला वापस नहीं दिया।  यहां तक क वह थैला नीचे डालने का इशारा किया, मगर वह थैला में से पैसे नीचे डाला। हलवाई ओवहल कूद कर उससे  चिनाने की कोशिश की। तभी वहां से हलवाई का एक मित्र गुज़ार अहा था, उसने पुछा की क्या हुआ, उसने बोलै की वो बन्दर ने उसकी दस हज़ार का थैला लेलिया और वापस नहीं दे रहा है, और थोड़े पैसे पानी में भी दाल दिया, क्या करूँ? मित्र ने बोलै की काम से काम नीचे पड़े हुए रुपयों को तोह उठालो,.. हलवाई ने बोलै की पानी में जो पैसे हैं, उनका क्या? मित्र बोला समझलो पानी को दे दिया, लेकिन हलवाई माना नहीं, वह बोलै अब में पानी में से अपने पैसे कैसे निकालूँ? मित्र बोला की जब तुम दूध में पानी मिलएते गए, तब तो नहीं सोचा? माफ़ कार्डो, गलती होगयी हलवाई बोला।अब जल्दी से पानी में से पैसे निआना है।  मित्र बोला, तुम्हारे पानी के पैसे नष्ट होगये, अब दूध के लेकर जाओ, तभी बन्दर ने कुएं में थैला ही दाल दिया। हलवाई का मन उदास हुआ और वह चला गया। उसके बाद वह कभी भी दूध में पानी नहीं मिलाया। <br><strong>सीख: धोखा नहीं करना चाहिए, अगर किया, तो अंजाम मिलेगा।   </strong></div>]]></description>
         <pubDate>2019-11-20 09:48:00 UTC</pubDate>
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         <title>Write the word meaning of the chapter </title>
         <author>dkumari1</author>
         <link>https://padlet.com/dkumari1/uoiyt6cro8w8/wish/413885775</link>
         <description><![CDATA[<div>Tavasya and Syeeda</div>]]></description>
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         <pubDate>2019-11-20 10:01:44 UTC</pubDate>
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