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      <title>Bulletin board by Priyanka Shandilya</title>
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      <description>Welcome to our Bulletin board! Contribute by posting announcements, sharing achievements, and expressing thoughts to build a vibrant, interactive class community. Let&#39;s keep the conversation positive and supportive!</description>
      <language>en-us</language>
      <pubDate>2024-03-21 09:13:11 UTC</pubDate>
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         <title></title>
         <author>priyankashandilya</author>
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         <description><![CDATA[<p>मध्यकालीन भारत के मुगल शासक कौन कौन था?               <br>update a short note  any"Mugal Shashk with name and shashan kal "</p>]]></description>
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         <pubDate>2024-03-21 09:14:44 UTC</pubDate>
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         <title></title>
         <author></author>
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         <description><![CDATA[<p>बाबर <strong>भारत</strong> का पहला <strong>मुगल शासक</strong> था। बाबर अपने पिता और माता के माध्यम से तैमूर और चंगेज खान का प्रत्यक्ष वंशज था। फरगना के गवर्नर उमर शेख मिर्जा, बाबर के पिता <strong>थे</strong>। 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया। </p><p>NEETU</p>]]></description>
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         <pubDate>2024-03-21 10:34:03 UTC</pubDate>
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         <title>मध्यकालीन भारत के मुगल शासक कौन था?</title>
         <author></author>
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         <description><![CDATA[<p>बाबर भारत का पहला मुगल शासक था। बाबर अपने पिता और माता के माध्यम से तैमूर और चंगेज खान का प्रत्यक्ष वंशज था। फरगना के गवर्नर उमर शेख मिर्जा, बाबर के पिता थे।</p>]]></description>
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         <pubDate>2024-03-21 10:34:25 UTC</pubDate>
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         <title>मध्यकालीन भारत के मुगल शासक</title>
         <author></author>
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         <description><![CDATA[<p>जहाँगीर, जिनका असली नाम नूरुद्दीन सलीम जहाँगीर था, मुगल साम्राज्य का चौथा सम्राट था और उनका शासनकाल 1605 से 1627 तक चला। वे अकबर के पुत्र थे और उन्होंने भारतीय इतिहास में अपना विशेष स्थान बनाया है।</p><p>जहाँगीर का शासनकाल एक अद्वितीय समय था जब साहित्य, कला, और सांस्कृतिक विकास में बहुत उत्कृष्ट योगदान हुआ। उन्होंने अपने शासनकाल में मुगल साम्राज्य को एक विश्वस्तरीय शक्ति के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया।</p><p>जहाँगीर का शासनकाल भारतीय इतिहास में बहुत सारी महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए जाना जाता है, जैसे कि उनकी साम्राज्यवादी नीतियां, राजनीतिक तंत्र, और राजनीतिक संबंधों की विशेषताएं। उनके द्वारा की गई कला और साहित्य के क्षेत्र में योगदान भी अद्वितीय रहा है।</p>]]></description>
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         <pubDate>2024-03-21 10:40:22 UTC</pubDate>
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         <title>मध्यकालीन में भारत के मुगल शासक</title>
         <author>sudesh31</author>
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         <description><![CDATA[<p> खिलजी, जिसे सामान्य नाम <strong>अलाउद्दीन खिलजी से जाना जाता है </strong>, एक तुर्क-अफगान था जिसका जन्म अली गुरशस्प के नाम से हुआ था। जिसने 1230 और 1320 के बीच लगभग तीन दशकों तक भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े हिस्से को कवर करते हुए दिल्ली सल्तनत पर शासन किया था वह खिलजी वंश का नेता और सम्राट था। अलाउद्दीन के शासन में उसने प्रशासन, राजस्व, समाज और कीमतों में बड़े बदलाव किये। अलाउद्दीन खिलजी अपने पूर्ववर्ती जलालुद्दीन का दामाद और भतीजा था। <strong>अलाउद्दीन खिलजी का मकबरा </strong>कुतुब मीनार, महरौली, दिल्ली, भारत में स्थित एक मदरसे में स्थित है, जिसे इस्लामिक स्कूल भी कहा जाता है। इसे 1315 में अलाउद्दीन ने खुद बनवाया था और यह कब्र मदरसे के अंदर स्थित है।</p><p><br/></p><p>Sudesh Lata</p>]]></description>
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         <pubDate>2024-03-21 10:46:45 UTC</pubDate>
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         <title>मध्यकालीन भारत के मुगल शासक कौन था?</title>
         <author></author>
         <link>https://padlet.com/priyankashandilya/4sum0fdciyihlqgx/wish/2928407234</link>
         <description><![CDATA[<p>बाबर और हुमायूँ (1526-1556)</p><p>मुगल साम्राज्य की स्थापना मध्य एशियाई शासक बाबर (शासनकाल 1526-1530) ने की थी, जो अपने पिता की ओर से तुर्क-मंगोल विजेता तैमूर ( तैमूरिद साम्राज्य के संस्थापक) और अपनी माता की ओर से चंगेज खान के वंशज थे। पैतृक रूप से, बाबर मंगोल मूल की तुर्कीकृत बरलास जनजाति से था .</p><p>Ankita </p>]]></description>
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         <pubDate>2024-03-21 11:02:25 UTC</pubDate>
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         <title>मध्यकालीन भारत के मुग़ल साम्राज्य</title>
         <author></author>
         <link>https://padlet.com/priyankashandilya/4sum0fdciyihlqgx/wish/2928433002</link>
         <description><![CDATA[<p>पंद्रहवीं सदी के शुरुआत में मध्य एशिया में फ़रगना के निर्वासित राजकुमार जाहिरुद्दीन (बाबर) काबुल में आ बसे। वहा वे फारसी साम्राज्य का काबुल प्रान्त का अधिपति नियुक्त थे। दिल्ली के निर्बल शासक और दौलत खान (पंजाब का अधिपति) के बुलावे में बाबर ने दिल्ली की ओर कुच किया जहाँ उसका इब्राहीम लोदी के साथ युद्ध हुआ। जिसमें लोदी की हार हुई और इसके साथ ही भारत में मुगल वंश की नींव पड़ गई जिसने अगले 300 वर्षों तक एकछत्र राज्य किया। दिल्ली में स्थापित होने के बाद बाबर को राजपूत विद्रोह का सामना करना पड़ा। राजपूत शासक राणा सांगा के साथ खानवा का युद्ध हुआ जिसमें बाबर फिर विजयी हुआ। बाबर की मृत्यु के बाद उसका पुत्र हूमाय़ूं शासक बना। उसे दक्षिण बिहार के सरगना शेरशाह सूरी ने हराकर सत्ताच्युत कर दिया, लेकिन शेरशाह की मृत्यु के बाद उसने दिल्ली की सत्ता पर वापस अधिकार कर लिया।</p><p>हुमायुँ का पुत्र अकबर एक महान शासक साबित हुआ और उसने साम्राज्य विस्तार के अतिरिक्त धार्मिक सहिष्णुता तथा उदार राजनीति का परिचय दिया। वह एक लोकप्रिय शासक भी था। उसके बाद जहाँगीर तथा शाहजहाँ सम्राट बने। शाहजहाँ ने ताजमहल का निर्माण करवाया जो आज भी मध्यकालीन दुनिया के सात आश्चर्यों में गिना जाता है। इसके बाद औरंगजेब आया। उसके शासनकाल में कई धार्मिक व सैनिक विद्रोह हुए। हालाँकि वो सभी विद्रोहों पर काबू पाने में विफल रहा पर सन् १७०७ में उसकी मृत्यु का साथ ही साम्राज्य का विघटन आरंभ हो गया था। एक तरफ मराठा तो दूसरी तरफ अंग्रेजों के आक्रमण ने दिल्ली के बादशाह को नाममात्र का ही बादशाह बनाकर छोडा।</p>]]></description>
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         <pubDate>2024-03-21 11:25:44 UTC</pubDate>
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         <title>मध्यकालीन भारत के मुग़ल शासक  </title>
         <author></author>
         <link>https://padlet.com/priyankashandilya/4sum0fdciyihlqgx/wish/2929811735</link>
         <description><![CDATA[<p>अकबर (जन्म 15 अक्टूबर, 1542, उमरकोट [अब सिंध प्रांत, पाकिस्तान में] - मृत्यु लगभग 25 अक्टूबर, 1605, आगरा, भारत) भारत के सबसे महान मुगल सम्राट थे। उन्होंने 1556 से 1605 तक शासन किया और अधिकांश भारतीय उपमहाद्वीप पर मुगल सत्ता का विस्तार किया। अपने साम्राज्य की एकता को बनाए रखने के लिए, अकबर ने ऐसे कार्यक्रम अपनाए जिससे उसके क्षेत्र की गैर-मुस्लिम आबादी की वफादारी जीत गई। उन्होंने अपने केंद्रीय प्रशासन में सुधार और सुदृढ़ीकरण किया और अपनी वित्तीय प्रणाली को भी केंद्रीकृत किया और कर-संग्रह प्रक्रियाओं को पुनर्गठित किया। हालाँकि उन्होंने कभी भी इस्लाम का त्याग नहीं किया, लेकिन उन्होंने अन्य धर्मों में सक्रिय रुचि ली और हिंदुओं, पारसियों और ईसाइयों के साथ-साथ मुसलमानों को भी अपने सामने धार्मिक चर्चा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। स्वयं अनपढ़ होने के बावजूद, उन्होंने विद्वानों, कचित्विरकारों और संगीतकारों को प्रोत्साहित किया, जिससे उनका दरबार संस्कृति का केंद्र बन गया |</p><p>                                                                          Anjali</p>]]></description>
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         <pubDate>2024-03-22 07:35:41 UTC</pubDate>
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         <title>मध्यकालीन भारत/मुग़ल वंश                                           बाबर(१५२६-१५३०)                     परिचय और पानीपत का युद्ध    खानवा का युद्ध                                                                                                                  </title>
         <author>bhaskar18</author>
         <link>https://padlet.com/priyankashandilya/4sum0fdciyihlqgx/wish/2930077807</link>
         <description><![CDATA[<p>भारत में मुगल राजवंश महानतम शासनकाल में से एक था। मुगल शासकों ने हज़ारों लाखों लोगों पर शासन किया। भारत एक नियम के तहत एकत्र हो गया और यहां विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक और राजनैतिक समय अवधि मुगल शासन के दौरान देखी गई। पूरे भारत में अनेक मुस्लिम और हिन्दु राजवंश टूटे, और उसके बाद मुगल राजवंश के संस्थापक यहाँ आए। बाबर, जो महान एशियाई विजेता तैमूर लंग का पोता था। १५०४ ई.काबुल तथा १५०७ ई. में कंधार को जीता था तथा बादशाह (शाहों का शाह) की उपाधि धारण की १५१९ से १५२६ ई. तक भारत पर उसने ५ बार आक्रमण किया तथा सफल हुआ १५२६ में जब उसने पानीपत के मैदान में दिल्ली सल्तनत के अंतिम सुल्तान "इब्राहिम लोदी"(लोदी वंश) को हराकर "मुगल वंश" की नींव रखी।</p><p><br></p><p><strong>परिचय और पानीपत का युद्ध</strong></p><p><br></p><p>बाबर तैमूर लंग का पौत्र था और विश्वास रखता था कि चंगेज़ ख़ान उनके वंश का पूर्वज था। बाबर भारत में प्रथम मुगल शासक थे। उसने दिल्ली पर फिर से तैमूरवंशियों की स्थापना के लिए १५२६ में पानीपत के प्रथम युद्ध के दौरान इब्राहिम लोदी के साथ संघर्ष कर उसे पराजित किया और इस प्रकार मुगल राजवंश की स्थापना हुई</p><p><br></p><p><strong>खानवा का युद्ध </strong></p><p><br></p><p>राणा सांगा के नेतृत्व में राजपूत काफी शक्तिशाली बन चुके थे। राजपूतों ने एक बड़ा-सा क्षेत्र स्वतंत्र कर दिल्ली की सत्ता पर काबिज़ होने की चाहत दिखाई। बाबर की सेना राजपूतों की आधी भी नहीं थी। १७ मार्च १५२७ में खानवा की लड़ाई राजपूतों तथा बाबर की सेना के बीच लड़ी गई। इस युद्ध में राणा सांगा के साथ मुस्लिम यदुवंशी राजपूत उस वक़्त के मेवात के शासक खानजादा राजा हसन खान मेवाती और इब्राहिम लोदी के भाई मेहमूद लोदी थे। इस युद्ध में मारवाड़, अम्बर, ग्वालियर, अजमेर, बसीन चंदेरी भी मेवाड़ का साथ दे रहे थे। राजपूतों का जीतना निश्चित था पर राणा सांगा के घायल होने पर घायल अवस्था मे उनके साथियो ने उन्हें युद्ध से बाहर कर दिया और एक आसान-सी लग रही जीत उसके हाथों से निकल गई। बाबर ने युद्ध के दौरान अपने सैनिकों के उत्साह को बढ़ाने के लिए शराब पीने और बेचने पर प्रतिबन्ध की घोषणा कर शराब के सभी पात्रों को तुड़वा कर शराब न पीने की कसम ली। उसने मुस्लिमों से "तमगा कर" न लेने की भी घोषणा की। तमगा एक प्रकार का व्यापारिक कर था, जो राज्य द्वारा लिया जाता था।</p><p>बाबर २०,०००० मुग़ल सैनिकों को लेकर साँगा से युद्ध करने उतरा था। उसने साँगा की सेना के लोदी सेनापति को प्रलोभन दिया, जिससे वह साँगा को धोखा देकर सेना सहित बाबर से जा मिला। बाबर और साँगा की पहली मुठभेड़ बयाना में और दूसरी खानवा नामक स्थान पर हुई। इस तरह 'खानवा के युद्ध' में भी पानीपत युद्ध की रणनीति का उपयोग करके बाबर ने राणा साँगा के विरुद्ध एक सफल युद्ध की रणनीति तय की।</p><p>इसके एक साल के बाद राणा सांगा की ३० जनवरी १५२८ में मृत्यु हो गई। इसके बाद बाबर दिल्ली की गद्दी का अविवादित अधिकारी बना। उसके इस‌ विजय ने मुगल वंश को भारत की सत्ता पर ३३१ सालों तक राज करवाया। इस‌ युद्ध के बाद बाबर ने गाजी(दानी) की उपाधि ली थी और जेहाद का नारा भी दिया था। </p><p><br></p><p><br></p><p><strong>                      Bhaskar Amity </strong></p>]]></description>
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         <pubDate>2024-03-22 12:25:28 UTC</pubDate>
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         <title>मध्यकालीन भारत के मुगल शासक कौन कौन था?</title>
         <author></author>
         <link>https://padlet.com/priyankashandilya/4sum0fdciyihlqgx/wish/2931185946</link>
         <description><![CDATA[<p> बाबर एक मुगल सासक था। जिसने भरत मे मुगलो के सासक के साथ पद‌-पादशाही को धारन किया था। बाबर के बाद कई पिढ़ी मुगलो के भारत पर शासन किये थे </p><p>भारतीय मध्यकालीन इतिहास हमेशा "मुगल" वंश की शुरुआत से जुड़ा रहा है और बाबर ने प्रथम पानीपत युद्ध (1526) में इब्राहिम लोदी को हराने के बाद मुगल वंश की स्थापना की थी। बाबर के साथ कई युद्ध जुड़े हुए थे चर्चा में मुगल वंश के इतिहास और मध्यकालीन भारत में एक मजबूत आर्थिक या राजनीतिक स्थिति बनाने की उनकी पहल को दिखाया गया है</p><p>                                                 ~ शाहिद सैफी</p><p><br/></p>]]></description>
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         <pubDate>2024-03-24 03:54:25 UTC</pubDate>
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         <title>madhya kalin bharat ke mughal shashak kon kon the?</title>
         <author>khushi34</author>
         <link>https://padlet.com/priyankashandilya/4sum0fdciyihlqgx/wish/3013295946</link>
         <description><![CDATA[<p>मुगल मध्यकालीन भारत के महान वंश के शासक हैं और <strong>बाबर</strong> बनाम इब्राहिम लोदी की पानीपत की पहली लड़ाई भारत में मुगल युग की शुरुआत थी। बाबर मुग़ल वंश का संस्थापक है और वह फ़रगना से आया था।</p><p><strong>बाबर</strong> तैमूर लंग का पौत्र था और विश्वास रखता था कि चंगेज़ ख़ान उनके वंश का पूर्वज था। बाबर भारत में प्रथम मुगल शासक थे। उसने दिल्ली पर फिर से तैमूरवंशियों की स्थापना के लिए १५२६ में पानीपत के प्रथम युद्ध के दौरान इब्राहिम लोदी के साथ संघर्ष कर उसे पराजित किया और इस प्रकार मुगल राजवंश की स्थापना हुई।<strong>पानीपत की पहली लड़ाई (1526) मुगल काल की शुरुआत थी और यह संरचना मध्यकालीन भारत के इतिहास की शुरुआत से जुड़ी है जो सिपाही विद्रोह (1857) तक लंबे समय तक चली</strong>। मुगल मध्यकालीन भारत के महान वंश के शासक हैं और बाबर बनाम इब्राहिम लोदी की पानीपत की पहली लड़ाई भारत में मुगल युग की शुरुआत थी।</p><p><strong>बाबर, हुमायूँ, अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ, औरंगज़ेब, बहादुर शाह</strong> है। वह मुगल साम्राज्य का संस्थापक था।</p><p>khushi mangla.</p>]]></description>
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         <pubDate>2024-05-30 15:22:16 UTC</pubDate>
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